एक निजी स्कूल में छात्राएं बुर्का पहनकर अलग-अलग गानों पर डांस करती नजर आईं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
गोंडा, उत्तर प्रदेश — उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक निजी स्कूल में छात्राएं बुर्का पहनकर अलग-अलग गानों पर डांस करती नजर आईं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मामले को तूल पकड़ता देख और सार्वजनिक आलोचनाओं के बीच, स्कूल के प्रबंधक रामकृष्ण मौर्या ने एक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्टीकरण दिया और “करोड़ों बार माफी मांगने” की बात कहते हुए बिना शर्त माफी मांगी है।
यह मामला गोंडा स्थित एक निजी विद्यालय का है, जहां 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। कार्यक्रम में विभिन्न कक्षाओं की छात्राओं ने हिस्सा लिया था। समारोह के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने प्रस्तुति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया।
वायरल वीडियो में कई छात्राएं काले रंग का बुर्का पहनकर मंच पर गानों पर डांस करती दिख रही हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी आपत्ति जताई। आलोचकों का आरोप है कि राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर छात्राओं से इस तरह की प्रस्तुति दिलवाना अनुचित है। कुछ लोगों ने दावा किया कि गैर-मुस्लिम छात्राओं को भी बुर्का पहनाकर डांस कराया गया, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग उठने लगी।
विवाद बढ़ता देख और जनआक्रोश को देखते हुए स्कूल के प्रबंधक रामकृष्ण मौर्या ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। मौर्या ने कहा कि स्कूल का मकसद किसी की धार्मिक या सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने बताया कि यह प्रस्तुति सांप्रदायिक सौहार्द, विविधता में एकता और राष्ट्रीय अखंडता का संदेश देने के उद्देश्य से तैयार की गई थी।
रामकृष्ण मौर्या ने अपने वीडियो बयान में कहा, “हमारा इरादा किसी की भावनाओं को आहत करने का बिल्कुल नहीं था। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल सामाजिक सौहार्द और एकता का संदेश देने के लिए आयोजित किया गया था। अगर इस प्रस्तुति से किसी भी व्यक्ति, समाज या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं दिल से माफी मांगता हूं। इसके लिए मैं एक बार नहीं, बल्कि करोड़ों बार माफी मांगने के लिए तैयार हूं।”
हालांकि प्रबंधक ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है, फिर भी स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। इलाके में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम से जुड़े तथ्यों और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की जांच की जा रही है।