नमाज़ के स्वास्थ्य लाभ बताने के बाद आलोचकों द्वारा निशाना बनाए जाने और परिवार तक को घसीटे जाने के बाद, नमिता थापर ने एक जवाबी वीडियो जारी किया है. जिसमें उन्होंने तर्क दिया है कि एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल के रूप में वह पहले भी योग और सूर्य नमस्कार के लाभ बताती रही हैं.

Desk ✍️
‘शार्क टैंक इंडिया’ की जज नमिता थापर को नमाज़ से होने वाले शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभों पर एक रील पोस्ट करने के कारण सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग और निजी अपमान का सामना करना पड़ा।
उनका दावा है कि नमाज़ पर टिप्पणी करने के कारण उन्हें और उनकी माँ को भद्दी गालियाँ दी गईं। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उन्हें अपने हिंदू होने पर गर्व है और वे सभी धर्मों का सम्मान करती हैं, साथ ही उन्होंने चुप्पी तोड़ने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए इसे महिलाओं के सम्मान और अभिव्यक्ति की आज़ादी से जोड़ा है।
शार्क टैंक इंडिया की जज और एमक्योर फार्मास्युटिकल्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नमिता थापर इन दिनों अपनी व्यावसायिक उपलब्धियों के बजाय सोशल मीडिया पर मचे एक विवाद को लेकर चर्चा में हैं।
दरअसल नमाज़ के शारीरिक लाभों पर आधारित उनकी एक पुरानी रील ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी। जिसके बाद उन्हें और उनके परिवार को भारी विरोध और अभद्रता का सामना करना पड़ा।
नमाज़ पर पोस्ट किए गए वीडियो में क्या कहा?
लगभग तीन सप्ताह पहले, नमिता थापर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि उनके दोस्तों के साथ हुई एक चर्चा के दौरान उन्हें नमाज़ के स्वास्थ्य संबंधी फायदों के बारे में पता चला। नमिता ने रील में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जोर दिया:/.
उन्होंने नमाज़ को एक ‘फुल बॉडी वर्कआउट’ बताया, जो शरीर में लचीलापन और रक्त संचार (Blood Circulation) बढ़ाने में सहायक है।
नमिता के अनुसार, नमाज़ एक ध्यान (Meditation) की तरह है जो मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता के लिए लाभदायक है।
उन्होंने इसकी तुलना योग के ‘वज्रासन’ से की, जो पाचन के लिए अच्छा है। साथ ही, दिन में पांच बार काम से ब्रेक लेने को उन्होंने तनाव कम करने का एक जरिया बताया।
आक्रोश और ट्रोलिंग का सामना
वीडियो पोस्ट होने के तुरंत बाद सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया। जहां कुछ लोगों ने इसे सर्वधर्म समभाव का उदाहरण माना, वहीं एक बड़े वर्ग ने नमिता की आलोचना शुरू कर दी।
कई यूज़र्स ने उन्हें अनफॉलो करने की बात कही तो कुछ लोगों ने उनसे सवाल किया कि क्या वे हनुमान चालीसा या आरती के वैज्ञानिक फायदों पर भी इसी तरह की रील बनाएंगे?
नमिता ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी माँ को भद्दी गालियां दी गईं और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया।
नमिता थापर का पलटवार: “चुप रहना गुण नहीं है”
हफ्तों तक चली ट्रोलिंग के बाद नमिता ने अब एक नया वीडियो जारी कर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल होने के नाते उन्होंने केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा किया था।
अपने इस बयान में नमिता ने कहा कि वह नियमित रूप से योग और सूर्य नमस्कार पर वीडियो बनाती हैं, लेकिन तब कोई विवाद नहीं होता।
उन्होंने ट्रोल्स को जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अपने हिंदू होने पर गर्व है और वे सभी धर्मों के सम्मान की सीख के साथ पली-बढ़ी हैं।
नमिता थापर ने सवाल उठाया कि जब महिलाओं का सोशल मीडिया पर इस तरह अपमान होता है, तब समाज चुप क्यों रहता है?
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं अभी भी थमी नहीं हैं। जहां कुछ लोग नमिता को एक साहसी और प्रगतिशील महिला के रूप में देख रहे हैं, वहीं आलोचक इसे एक अनावश्यक तुलना मान रहे हैं। नमिता ने साफ कर दिया है कि वह अपने लिए खुद आवाज़ उठाएंगी और ट्रोलर्स के डर से अपनी बात कहना बंद नहीं करेंगी।